सोमवार, 16 मार्च 2020

आर्सन प्लस: भाग 3 - डाशील हैमेट


नोट:  र्सन प्लस सबसे पहले ब्लैक मास्क नामक पत्रिका में 1923 में छपी थी। यह कॉन्टिनेंटल डिटेक्टिव एजेंसी के जासूस को को दर्शाती पहली कहानी थी। इसी जासूस को लेकर डाशील हैमेट ने लगभग 28 कहानियाँ और दो उपन्यास लिखे थे।

मैंने इधर इस कहानी का हिन्दी में अनुवाद किया है। उम्मीद है आपको यह अनुवाद पसंद आएगा। अगर आपको यह अनुवाद पसंद आता है तो आप पोस्ट का लिंक अपने दोस्तों से साझा कर सकते हैं। मूल कहानी आप निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं:
आर्सन प्लस

कहानी चूँकि काफी लम्बी है तो इसे मैंने तीन भागों में प्रकाशित किया है।

कहानी का पहला भाग आप निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं:
आर्सन प्लस - 1

इस कहानी की पिछली कड़ी आप निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकती हैं:
आर्सन प्लस -2                                                                   


मिसेज ट्रोब्रिज के अपार्टमेंट से निकलकर मैं फ्रांसिसको होटल पहुँचा। वहाँ जाकर मुझे यह पता चल गया कि थोर्नबर्ग उधर दस मई से तेरह जून तक रहा था। इस वक्फे में कोई ऐसी बात नहीं हुई थी कि किसी का भी ध्यान उस पर अनावश्यक रूप से जाए। वह लम्बा- चौड़ा व्यक्ति था जो कि सीधा तनकर चलता था। उसके घने भूरे बाल पीछे की तरफ बनाये हुए होते थे और उसकी एक छोटी मगर नोकीली दाढ़ी हुआ करती थी। उसके चेहरे पर अच्छे स्वास्थ्य की लाली रहती थी। वह एक संजीदा किस्म का कम बोलने वाला व्यक्ति था जो कि अपने कपड़ों, अपनी आदतों और अपने सोने जागने के घंटों में बेहद अनुसाशनशील था। जब तक वो यहाँ था तब तक उससे मिलने शायद ही कोई व्यक्ति आया था।

सीमैनस  बैंक, जहाँ के चेक के माध्यम से उसने घर खरीदा था, में जाकर मुझे पता चला कि उसने उधर अकाउंट मई पंद्रह तारीक को खोला था। बैंक में वह डब्लू डब्लू जेफर्स  एंड संस नाम के स्थानीय स्टॉक ब्रोकर के दिए हुए परिचय पत्र को लेकर आया था। उन्ही की पहचान के चलते इधर उसका अकाउंट खोला गया था। उसके अकाउंट में अभी केवल चार सौ डॉलर के करीब बचे हुए थे। जितने भी कैंसिल चेक उधर मौजूद थे वो विभिन्न बीमा कम्पनियों के नाम के थे। अगर इन  चेक में दर्ज रकम बीमे की प्रीमियम थी तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह बीमा बहुत बड़ी पालिसी का रहा होगा। मैंने सभी बीमा कम्पनियों के नाम नोट किये और फिर डब्लू डब्लू जेफर्स एंड संस के दफ्तर की ओर बढ़ गया।


स्टॉक ब्रोकर के दफ्तर में मैं पहुँचा तो मुझे बताया गया कि थोर्नबर्ग उधर मई दस तारीक को पन्द्रह हजार डॉलर कीमत के बांड लेकर आया था। वह इन सभी बांड्स को बेचना चाहता था। जेफर्स के साथ बातचीत के दौरान उसने ब्रोकर को किसी बैंक के विषय में पूछा था। इसीलिए जेफर्स ने उसे एक परिचय पत्र देकर सीमैनस बैंक के पास  भेज दिया था।

जेफर्स को थोर्नबर्ग के विषय में केवल इतना ही पता था। उसने मुझे सभी बांड्स के नम्बर भी दिए लेकिन मैं यह जानता था कि बांड्स के नम्बर से उनका पता लगाना बहुत टेढ़ी खीर है।

                                                                  ****

जब मैं कॉन्टिनेंटल डिटेक्टिव एजेंसी के दफ्तर में पहुँचा तो मेरे सिएटल वाली शाखा को किये तार का जवाब आ चुका था।

जो पता तुमने दिया था उसे मिसेज एडवर्ड कमरफोर्ड ने मई की पच्चीस तारीक को किराये पर लिया था। 6 जून को छोड़ दिया था। सामान उसी दिन सैन फ्रांसिस्को पहुँचा दिया गया था।
चेक नम्बर निम्न हैं: चार पाँच दो पाँच आठ सात और आठ और नौ

अगर आपके पास सामान भेजे जाने की तारीक और चेक नम्बर है तो सामान कहाँ गया यह पता लगाना ज्यादा मुश्किल काम नहीं होता है। यह कुछ इसी तरह है जैसे कोई कैदी अपनी कैदी की पोशाक और नम्बर पहने हुए भागे तो आसानी से पता लग जाता है कि भागने वाला कौन है? नाव के बैगेज वाले कमरे में पच्चीस मिनट और सामान ट्रान्सफर कराने वाली कम्पनी के ऑफिस में आधे घंटे की माथा पच्ची के बाद मुझे मेरे जवाब मिल गये थे।

सामान को मिसेज इवेलिन ट्रोब्रिज के घर पहुँचाया गया था!

                                                                 ****

मैंने जिम टार को फोन लगाया और उसे इस सारे मामले से अवगत करवाया।

"बहतु ही बेहतरीन काम किया!", वो  आदत से एकदम उलट बोला। ऐसा लग रहा था जैसे मामले के सुलझाए जाने के कारण वह कुछ देर के लिए अपना ताना मारने वाली प्रकृति भूल चुका था। "हम लोग कून्स दम्पति को इधर और मिसेज ट्रोब्रिज को उधर गिरफ्तार कर लेंगे। चलो यह गुत्थी आखिरकार सुलझ तो गयी।"

"अभी नहीं!" मैं उसे आगाह करते हुए बोला -"इस मामले की अभी भी काफी घुन्डियाँ हैं जो खुलनी बाकी है।"

"मेरे लिए तो मामला पानी की तरह साफ है। यह सब इन तीनों की ही मिलीभगत है। मैं इसी से संतुष्ट हूँ।"

"वैसे तो यह तुम्हारा मामला है लेकिन फिर भी मैं कहूँगा कि जल्दबाजी करने से कोई फायदा नहीं है। मैं भाँजी के पास जा रहा हूँ और उससे दोबारा बात करूँगा। जब तक तुम्हारे लोग उधर नहीं आ जाते तब तक मैं उसे रोक कर रखूँगा।"

                                                                   ****

इस बार इवेलिन ट्रोब्रिज की नौकरानी के बजाय उसने खुद ही मेरे लिए दरवाजा खोला और वह मुझे उसी कमरे में ले गयी जहाँ हमने सुबह बातचीत की थी। मैंने उसे पहले बैठने दिया और फिर उसके बाद एक ऐसी जगह बैठने के लिए चुनी जो उसकी तुलना में दोनों दरवाजों के नजदीक थी। अगर वो भागने की कोशिश करे तो ऐसे में मुझे उसे थामने में आसनी होती।

जब मैं ऊपर आ रहा था तो मैंने ऐसे कई गोल मोल सवालों की सूची बना ली थी जिनके माध्यम से मैं उसे ऐसा फँसा देना चाहता था कि सच बोलने के सिवाय उसके पास कोई चारा न होता। लेकिन अब जिस तरह से यह औरत आराम से बिना किसी डर के अपनी कुर्सी की पुश्त पर पसरकर मेरे कुछ बोले जाने का इन्तजार कर रही थी तो इसे देखकर मैंने सोच लिया था कि मैं बिना लाग लपेट के इससे साफ बात करूँगा।

"क्या आपने कभी मिसेज एडवर्ड कमरफोर्ड नाम का इस्तेमाल किया है?"

"हाँ, बिल्कुल" उसने आराम से मेरी बात का जवाब दिया।

"कब?"

"कई बार। देखो, कुछ समय पहले तक मैं एक एडवर्ड कमरफोर्ड नाम के व्यक्ति की पत्नी थी तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है कि मैं उस वक्त अक्सर यही नाम इस्तेमाल किया करती थी।"

"कभी सिएटल में इस नाम का इस्तेमाल किया है?"

"मैं आपको सलाह देना चाहूँगी,", उसने बड़ी ही शोख अदा से कहा, "कि आप अगर कून्स दम्पति को दिए गये मेरे रिफरेन्स की बात कर रहे हैं तो आप सीधे साधे तारीके से मुझे पूछ सकते हैं। घुमा फिराकर पूछने की कोई आवश्यकता नहीं है।"

"ये बात भी सही है," मैं बोला। "तो बताइए आपका इस मामले के विषय क्या कहना है?"

मैं उसके हाव भाव, उसकी आवाज़ और उसके बोलने के तरीके पर इस वक्त ध्यान दे रहा था। हैरानी की बात यह थी फिलहाल उसके चेहरे पर उभरे भावों, उसकी आवाज़ और उसकी बॉडी लैंग्वेज से कहीं भी यह नहीं लग रहा था जैसे वह किसी संजीदा विषय पर बात कर रही हो। यह कहीं से लग ही नहीं रहा था कि जैसे उसे मालूम हो कि यह बातचीत उसे खून के इल्जाम में अंदर कर सकती है। उसे देखकर तो ऐसा लग रहा था जैसे वो अपने दोस्तों के साथ बैठी मौसम के बारे में गप्पे हाँक रही हो।

"जब मैं और मिस्टर कमरफोर्ड पति पत्नी थे तो उस वक्त हम लोग सिएटल में ही रहा करते थे। वे तो आज भी उधर ही रहते हैं। डाइवोर्स के बाद मैंने सिएटल छोड़ दिया और अपने शादी के पहले के उपनाम को इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। जब तक हम सिएटल में थे तो कून्स दम्पति हमारे लिए काम करते थे। अगर आप पता लगाना चाहें तो आसानी से इसका पता लगा सकते हैं। मेरे पति या पूर्व पति को आप चेलसी अपार्टमेंट में जाकर मिल सकते हैं।"

"पिछली गर्मियों में या यूँ कहें बसंत के आखिरी दिनों में मैंने सिएटल लौटने का निर्णय लिया था। मुझे लगता है चूँकि मैं इस मामले से जुड़ चुकी हूँ तो मेरी व्यक्तिगत बातें अब सार्वजनिक होंगी ही लेकिन खैर उसका अब कुछ नहीं किया जा सकता है। तो मेरे सिएटल जाने के पीछे एक कारण यह था कि मैं एडवर्ड के साथ अपने रिश्ते को दूसरा मौका देना चाहती थी। चूँकि मुझे सिएटल में सभी मिसेज ट्रोब्रिज के नाम से जानते थे तो मैंने इसी नाम से वुडमानसी में एक अपार्टमेंट लिया। यह नाम इस्तेमाल करने के पीछे मेरा इरादा एडवर्ड को यह दर्शाना भी था कि मैं अपने रिश्ते को लेकर संजीदा थी।"

"मेरा उधर रुकने का इरादा था तो मैंने इस कारण कून्स दम्पति को फोन करके यह कहना चाहा था कि मैं उधर आ रही हूँ और वो मेरे आने तक हमारे घर को ठीक ठाक करके रख दें। लेकिन फोन करने पर उन्होंने मुझे बताया कि वो कैलिफ़ोर्निया जा रहे हैं। इसलिए जब सैकरेमेंटो से कुछ दिनों बाद मुझे एक रोजगार ब्यूरो से उनके विषय में पूछताछ करती एक चिठ्ठी आई तो मैंने उनकी तारीफ़ करते हुए अपना जवाब भेज दिया था। इतनी वर्षों की सेवा के बदले में मैं उनके लिए इतना तो कर ही सकती थी। इसके बाद करीब दो हफ्तों तक मैं सिएटल में रही थी। इन दो हफ्तों में मैंने एडवर्ड के पास वापिस जाने का विचार त्याग दिया था क्योंकि मुझे पता चल गया था कि एडवर्ड की रूचि का केंद्र अब कोई और था।"

"ये सब तो ठीक है। लेकिन.."

"अगर आपकी इजाजत हो तो मुझे जो कहना है पहले वो मैं कह दूँ.." उसने आधे में भी मुझे टोकते हुए कहा। "जब मैं अपने मामा के दिए तार के कारण उनके घर पहुँची तो मुझे उनके घर में कून्स को काम करता देख आश्चर्य हुआ था। मैं अपने मामा के व्यवहार को अब जानती थी। जिस तरीके का शक्की स्वभाव उनका हो गया था उसे ध्यान में रखते हुए मैंने कून्स दम्पति को बोला था कि वह उन्हें यह न बतायें कि वे लोग मेरे ही मुलाजिम थे। पता चलने पर मामा न जाने क्या राई का पहाड़ बना देते।"

"मुझे पूरा यकीन था कि वो उन्हें काम से निकाल देते और मुझसे भी झगड़ते। कोई बड़ी बात नहीं होती कि वो मुझ पर उनकी जासूसी करने का इल्जाम लगा देते। इसलिए मैंने यही ठीक समझा कि इस बात की उनको कोई खबर न हो। लेकिन जब कून्स दम्पति ने फोन करके मुझे आग के बारे में बताया तो मुझे लग गया था अगर हमने यह बात उजागर कर दी कि कून्स दम्पति पहले मेरे लिए काम करता थे तो हालातों के चलते हम तीनों पर शक किया जा सकता था। और कोई करता भी क्यों न? मैं ही तो अपने मामा की एकलौती वारिस थी और उनके मरने से सबसे ज्यादा फायदा मुझे ही हो रहा था। इसलिए हमने यह बेवकूफी भरा निर्णय लिया कि इस बात को हम लोग किसी पर उजागर नहीं करेंगे।"

उसकी दलील पूरी तरह से गलत नहीं लग रही थी लेकिन पूरी तरह से सही भी मुझे नहीं लग रही थी। मेरा अभी भी यही विचार था कि टार ने इन लोगों को जेल डाले जाने के अपने निर्णय को थोड़ी देर के लिए मुल्तवी कर दिया होता तो बेहतर होता। इतने वक्त में मुझे इस मामले की जड़ तक पहुँचने का मौका मिल जाता, इन तीनों को ढंग से परखने का मौक़ा मिल जाता।

"मैं समझ सकती हूँ कि एक जासूस होने के नाते कून्स दम्पति का मेरे मामा के लिए काम करना आपके लिए कोई आसानी से पचा देने वाली बात नहीं है। इसलिए क्या मैं खुद को गिरफ्तार समझूँ?" उसने कहना जारी रखा।

मैं इस लड़की को पसंद करने लगा था। यह एक शांत दिमाग वाली शातिर हसीना थी जो सोच समझ कर कार्य करती थी।

"फ़िलहाल नहीं," मैंने कहा- "लेकिन मुझे लगता है बहुत ही जल्द तुम गिरफ्तार हो जाओगी।"

यह सुनकर उसने एक व्यंग्यात्मक मुस्कान मेरे तरफ उछाली और फिर जैसे ही दरवाजे की घंटी बजी तो वह मुझे देखकर दोबारा तंजपूर्ण तरीके से मुस्कराई।

पुलिस हेडक्वार्टर से ओ'हारा आया था। हमने उसके अपार्टमेंट की तलाशी ली लेकिन हमारे हाथ ज्यादा कुछ नहीं लगा। हमे एक वसीयत मिली जो कि आठ जुलाई को बनाई गयी थी और बीमा पॉलिसी के कुछ कागज मिले। इन सभी पॉलिसियों को मई पंद्रह से जून दस के बीच निकाला गया था और इनकी कुल कीमत 200,000 डॉलर से ज्यादा थी।

ओ'हारा के इवेलिन ट्रोब्रिज को ले जाने के बाद मैंने एक घंटे तक उसकी कामवाली से पूछताछ करी लेकिन उसे भी इस मामले के विषय में ज्यादा जानकारी नहीं थी। लेकिन ट्रोब्रिज की कामवाली, बिल्डिंग के सफाई कर्मचारी, बिल्डिंग के मैनेजर और जिन भी व्यक्तियों का नाम ट्रोब्रिज ने लिया था के बयानों के आधार पर यह तो पक्का हो गया था कि जिस दिन आग लगी वो इसी इमारत में मौजूद अपने दोस्तों की मेजबानी कर रही थी।

आधे घंटे बाद मैं शार्टलाइन (छोटी दूरी का सफर करने वाली रेल जो प्राइवेट कंपनियों द्वारा संचालित होती थी) पकड़ कर वापिस सैकरेमेंटो के लिए निकल पड़ा था। जिस तरह से मैं सेक्रेमेंटो और सैन फ्रांसिस्को आ जा रहा था उस तरह से मैं जल्द ही इस कंपनी का सबसे अच्छा ग्राहक बन सकता था। हालत ऐसी थी कि सफर के दौरान आने वाले झटकों से मेरा शरीर इतना वाकिफ हो गया था कि हर आने वाले झटके के हिसाब से शरीर खुद को पहले ही ढाल दे रहा था।

इन झटकों के बीच में मैं  इस पूरे मामले का हल खोजने में मशरूफ था। घर में लगी आग और थोर्नबर्ग की मृत्यु ने अब एक पहेली का रूप ले लिया था। कून्स दम्पति और भाँजी इस मामले में किसी न किसी रूप से शामिल थे लेकिन वो रूप क्या था इसका कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था। इस मामले को लेकर हम शुरू से ही एक तरफा तहकीकात कर रहे थे। शुरुआत में हम लोग कून्स और इवेलिन के पीछे इसलिए पड़े थे क्योंकि हमारे पास और कोई संदिग्ध दिखाई नहीं दे रहे थे। पर अब जबकि हमें इन तीनो के खिलाफ कुछ मिल गया था तो मुझे मालूम था कि हमे जो मिला भी था वो इतना कमजोर था कि कोई भी अच्छा वकील हमारे केस की ऐसी तैसी कर सकता था।                                                                                                           
                                                                      ****
जब मैं सैकरेमेंटो पहुँचा तो मुझे मालूम हुआ कि कून्स दम्पति को काउंटी जेल में रखा गया है। उन्होंने भाँजी के साथ अपना रिश्ता कबूल कर लिया था और उनकी कहानी इवेलिन की कहानी से मिलती हुई पाई गयी थी।

टार, मैककलम्प और मैं शेरिफ की टेबल के चारों और बैठकर मामले के ऊपर बहस कर रहे थे।

"वो केवल बातें बना रहे हैं। हमने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया है। यह एक एयर टाइट केस है।  उन्होंने ही आग लगाई है और कत्ल किया है।" टार फैसला सुनाते हुए बोला।

यह सुनकर मैककलम्प ने अपने अफसर की तरफ देखा और उपहास उड़ाता हुआ सा हँसा और फिर मुझे देखकर बोला।
तुम ही सर को बताओ कि उनके एयर टाइट मामले में कितने छेद हैं। वो तुम्हारे बॉस नहीं हैं और अगर तुम उनसे समझदार दिखते भी हो तो वह बाद में इस बात की खुंदक तुमसे नहीं निकाल सकते हैं।"

टार ने मुझे और मैककलम्प को गुस्से से देखा।

"तुम लोग बहुत चतुर सुजान बनते हो। बोलो क्या कहना चाहते हो?" टार हुक्म सुनाता हुआ सा बोला।

मुझे लग रहा था कि इस मामले को लेकर मैककलम्प और मेरे एक ही तरह के विचार थे तो मैं ही दोनों की तरफ से बोला -"हमारा सोचना है कि हमारे पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि दस जून से पहले थोर्नबर्ग भी यह नहीं जानता था कि वो इस घर को लेने वाला है। कून्स दम्पति तो काम की तलाश में दो जून से ही भटक रहे थे। थोर्नबर्ग के पास भी रोजगार ब्यूरो वालों ने पहले दो अन्य जोड़ों को भेजा था। यह केवल संयोग की बात है कि थोर्नबर्ग ने उन जोड़ों को न रखकर कून्स को काम पर रखा।"

"यह कोई बड़ी बात नहीं है। हम लोग जूरी पर यह बात छोड़ सकते हैं।", टार जिद्द दिखाता सा बोला।

"अच्छा? और क्या क्या छोड़ोगे उन पर? थोर्नबर्ग के विषय में अब तक हमे जितनी जानकारी मिली है उसके हिसाब से वो एक सनकी दिखाई दे रहा है। क्या हो अगर जूरी यह कह दे कि उसने खुद ही अपने घर को आग लगाई? मैं मानता हूँ कि हमे इन तीनलोगों के विषय में कुछ मिला है। हमे पता है कि यह लोग इस मामले में शामिल हैं लेकिन अभी भी हमारे पास इतने पुख्ता सबूत नहीं है कि इन्हे न्यायालय में सजा दिलाई जा सके। अच्छा मान भी लो कि तुम यह साबित कर देते हो कि थोर्नबर्ग के घर में कून्स दम्पति का काम पर लगना इनकी और इवेलिन की मिली भगत का नतीजा था फिर भी तुम यह कैसे साबित करोगे कि जब इवेलिन ने इन्हे थोर्नबर्ग के घर में स्थापित किया था तब वो जानती थी कि थोर्नबर्ग इतनी सारी बीमा पॉलिसियाँ निकाले हुए था? और उसके मरने के बाद इन सब पॉलिसियों से आने वाली रकम इवेलिन को मिलती?"

शेरिफ ने हमे देखा और नाराज होते हुए गुस्से से बोला- "तुम लोग भी कमाल हो यार! पहले तो तुम इन लोगों के बारे में जानकारी लाने के लिए इधर उधर मारे मारे फिरते हो लेकिन अब जब तुम्हारे पास पर्याप्त जानकारी आ गयी है तब तुम अपने ही किये काम की बखिया उधेड़ रहे हो! तुम लोगों की आखिर दिक्कत क्या है?"

शेरिफ का कहना जारी था कि मैं दिमाग अचानक से एक ख्याल आया और मैं तेजी से अपनी जगह से उठा और बाहर की तरफ बढ़ गया। दरवाजे से जाते हुए मैं केवल इतना बोला -"अभी थोड़ा और भागना रह गया है,शेरिफ।मैक! चलो।"

आखिरकार मेरे दिमाग ने इस पहेली को कुछ हद तक हल कर ही दिया था।

                                                                      ****

बाहर के तरफ तेजी से बढ़ते हुए ही मैक और मैंने आपस में कुछ बातों के ऊपर विमर्श किया और फिर मैं सबसे नज़दीकी गेराज से एक गाड़ी लेकर टेवेन्डर की तरफ बढ़ चला। मैं हवा की गति से अपनी मंजिल की तरफ बढ़ा और दुकान के बंद होने से पहले उधर पहुँच गया। उस वक्त स्टोर का मालिक फिलो उधर दो लोगों से बात कर रहा था। मुझे देखते ही उसने खुद को उनसे अलग किया और मेरी तरफ दुकान के पीछे की तरफ पहुँचा।

"क्या तुम्हारे पास जो  भी लांड्री आती है उसकी सूची मौजूद रहती है?"

"न...नहीं क...केवल क..कीमत ही दर्ज रहती है।"

"थोर्नबर्ग वाली सूची को दिखाओ।"

उसने एक गंदी और मुड़ी तुड़ी से कॉपी निकाली और हमने वह सूची देखी जो कि मुझे चाहिए थी: $2.60,$3.10,$2.25, और ऐसे ही सूची में कीमत दर्ज थी।

"लांड्री का सबसे नया बैच इधर ही मौजूद है?"

"ह..ह..हाँ..आज ही  वो श...कस्बे से आया था।"

मैंने थोर्नबर्ग के घर से आये लांड्री का बंडल खोला। इसमें  कुछ चादर, तकियों के कवर,टेबल पर रखे जाने वाले कपड़े, तौलिये, नैपकिन्स,कुछ औरतों के कपड़े,कुछ कमीजें, कुछ कॉलर्स,अंतवस्त्र और कुछ जुराबें ही थीं। जुराबें शर्तिया मिसेज कून्स की रही होंगी। मुझे जो देखना था वो मैंने देख लिया था। मैंने फिलो को शुक्रिया कहा और भागते हुए अपनी कार की तरफ गया।

सैकरेमेंटो में मैककलम्प मेरा उसी गैराज पर इन्तजार कर रहा था जहाँ से कार किराये पर लेकर मैं गया था।

"होटल में जून पंद्रह को कमरा लिया। ऑफिस उसने सोलह जून से किराये पर उठाया। मुझे लगता है वो फ़िलहाल होटल में ही है।", मुझे देखते ही मैककलम्प ने मुस्कराते हुए कहा।

हम लोग जितना जल्दी हो सका उतने जल्दी ग्रैंड होटल पहुँचे।

"मिस्टर हेंडरसन एक दो मिनट पहले ही होटल से बाहर निकले। वो कहीं जाने की जल्दी में लग रहे थे।" - हमारे पूछने पर होटल के नाईट क्लर्क ने हमे बताया। "तुम्हे पता है वो अपनी गाड़ी कहाँ रखते हैं?"

"यहीं पास में होटल का गैराज है उधर ही रखते हैं।"

हम लोग गैराज से दस फ़ीट की दूरी पर थे जबकि हेंडरसन की गाड़ी गैराज से बाहर निकली और सड़क पर दौड़ती चली गयी।

                                                                ****
"मिस्टर हेंडरसन रुको", मैं अपनी आवाज़ को एक स्तर पर रखने ली कोशिश करते हुए चिल्लाया। मैं नहीं चाहता था कि वह मेरी आवाज़ से घबरा जाए।

लेकिन उसने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाई और तेजी से हमारे बगल से निकल गया।

"उसे पकड़ना चाहते हो?", मैककलम्प ने मुझसे पूछा। मेरी सहमति पाते ही उसने सामने से आती एक गाड़ी को उसके सामने कूदकर रुकवा दिया।

हम तेजी से गाड़ी के भीतर घुसे और मैककलम्प ने अपना बैज घबराए हुए ड्राईवर को दिखाया। फिर उसने सामने दूरी होती हेंडरसन की गाड़ी की तरफ इशारा करते हुए उसका पीछा करने का आर्डर चालक को दिया। जब एक बार गाड़ी के चालक को यह साफ हो गया कि हम कोई चोर लुटेरे नहीं है तो उसने भी सहज ही गाड़ी को हेंडरसन के पीछे लगा दिया। दो चार मोड़ों के बाद ही हमको हेंडरसन की गाड़ी दिखाई देने लगी। हेंडरसन तेज गति से गाड़ी चला रहा था लेकिन हम भी अपने बीच की दूरी को कम करते जा रहे थे।

जब हम शहर से बाहर निकल गये और हमारे बीच इतनी दूरी रह गयी कि मैं गोली चला सकता था तब मैंने एक गोली हेंडरसन की गाड़ी की तरफ दागी। इसका नतीजा यह हुआ कि उसने गाड़ी की रफ्तार थोड़ी बढ़ाई तो सही लेकिन हम उसके नजदीक पहुँचते जा रहे थे।

सड़क ऊबड़खाबड़ थी और इस उबड़ खाबड़ सड़क पर हेंडरसन ने पीछे देखने की गलती कर दी। इस गलती का नतीजा यह हुआ कि उसकी तेजी से भागती गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह गाड़ी पलट कर घिसटते हुए दूर तक चली गयी। इसके कुछ ही देर बाद पलटी हुई गाड़ी से एक  गोली हमारी गाड़ी की तरफ आई और मेरे कान के बगल से होते हुए निकली। इसके तुरंत बाद एक और गोली हमारे पर दागी हुई। हम अब उस उलटी हुई गाड़ी के नजदीक पहुँच गये थे और मैं अपने शिकार को कबाड़ बन चुकी गाड़ी में तलाश ही रहा था कि  उसी वक्त मैककलम्प ने अपनी पुरानी हो चुकी बंदूक से एक गोली दागी जिसकी गूँज ने मेरा दूसरा कान सुन्न कर दिया था।

जब हम हेंडरसन तक पहुँचे तब तक वह मर चुका था। मैककलम्प की गोली सीधा उसकी एक आँख पर लगी थी।

"वैसे तो मैं ज्यादा जिज्ञासू व्यक्ति नहीं हूँ"मैकलम्प ने मुझसे कहा, "लेकिन मुझे लगता है तुम्हे मुझे यह तो बता देना चाहिए कि आखिर अभी इधर जो हुआ वह क्यों हुआ? हमने हेंडरसन का पीछा क्यों किया?"

मैकलम्प ने मुझसे पूछा तो मैंने केवल इतना कहा- " क्योंकि यही थोर्नबर्ग था.."

पाँच मिनट तक मैकलम्प कुछ नहीं बोला। फिर उसने कहा- "तुम कह रहे हो तो यह ठीक ही होगा। लेकिन तुम्हे इसका पता कैसे चला?"

हम दोनों दुर्घटना स्थल के किनारे बैठे अब पुलिस वालो का इन्तजार कर रहे थे। जिस व्यक्ति की गाड़ी में हम यहाँ तक आये थे हमने उसे जाकर पुलिस को फोन करने का निर्देश दे दिया था।

"हेंडरसन ही थोर्न बर्ग होगा यह बात ही तर्कसंगत है।",मैं बोला। "मुझे यकीन नहीं हो रहा कि हमने उस वक्त इस मामूली सी बात पर क्यों नहीं ध्यान दिया। थोर्नबर्ग के विषय में हमे जितनी बातें बताई गयी थी वह यही दर्शा रही थी कि उस व्यक्ति में कुछ झोल है। उसका चेहरे पर लगी बड़ी बड़ी मूछे और दाढ़ी जिससे असल चेहरा छुपाया जा सकता था। वह इधर आने से पहले क्या करता था यह किसी को पता नहीं होना? वह इधर क्या कर रहा था वह भी किसी को पता नहीं होना? सब कुछ इतना रहस्यमय था कि उसके नकली होने की गुंजाइश ज्यादा थी। उसकी पैदाइश सैन फ्रांसिसको की बताई गयी जहाँ उस दौरान एक बड़ी आग लगी थी। ऐसे में आसानी से यह झूठी पहचान बनाई जा सकती थी।"

"अब एक बार हेंडरसन को लो।तुमने मुझे बताया कि हेंडरसन इधर सैकरेमेंटो गर्मियाँ शुरू होते ही आ गया था। जो तारीक तुमने मुझे बताई हैं उससे यह तो पता लग ही जाता है कि उस वक्त तक थोर्नबर्ग ने वो घर ले ही लिया था। अब थोर्नबर्ग और हेंडरसन के चेहरे मोहरे और डील डौल के बाबत सोचो।"

"लम्बाई और चौड़ाई में दोनों एक जैसे हैं। उनके बालों का रंग भी एक जैसा भूरा है। इन दोनों के बीच में जो फर्क है वह फर्क ऐसा है जो कि एक कुशल कलाकार द्वारा आराम से बनाया जा सकता है। एक तन कर चलता है तो दूसरा थोड़ा झुक कर चलता है। एक हमेशा संजीदा रहता है तो दूसरा मस्त मौल है जिसके चेहरे पर हमेशा हँसी नुमाया रहती है। फिर अलग अलग तरह के कपड़े और दाढ़ी इत्यादि से यह फर्क और ज्यादा गहरा किया जा सकता है। तुम्हारे पास आने से पहले मै टेवेंडर गया था। उधर मैंने थोर्नबर्ग के घर से आई लांड्री की जाँच की। उधर कोई भी ऐसा कपड़ा नहीं था जो कि कून्स दम्पति पर न आता हो। मैंने उनके पिछले बिल भी देखे तो उन बिलों में भी इतना फर्क नहीं था। इससे मुझे ऐसा नहीं लगा कि जैसा उन्होंने हमे बताया था कि थोर्नबर्ग अपने कपड़ों के मामले में बहुत सख्त था वैसा कुछ रहा होगा। मुझे नही लगता कि थोर्नबर्ग के कपड़े उधर धुलने जाते रहे होंगे।"

"जासूस होना बहुत अच्छा होता होगा न?", मेरा कथन पूरा होते ही मैककलम्प ने हँसते हुए मुझे देखते हुए कहा। तब तक पुलिस वाले भी पहुँच चुके थे और वह अपनी गाड़ी से उतरने लगे थे।

"मुझे खेद है कि हम लोग उन तीनों को खून के इल्जाम में गिरफ्तार नहीं कर सकेंगे।", वह खेद पूर्ण नजरों से देखता हुआ मुझे बोला।

"हाँ, ये तो है लेकिन आगजनी के अलावा धोखाधड़ी इत्यादि के लिए तो हम उन्हें सजा दिला सकते है। यह तो अभियोग पक्ष के वकील के ऊपर निर्भर करता है कि वह कितनी धाराएं उन पर लगाते हैं।", मैं बोला।


                                                                


                                                                             समाप्त 

आर्सन प्लस के सभी भाग:
आर्सन प्लस भाग 1
आर्सन प्लस भाग 2
आर्सन प्लस भाग 3

मैं ब्लॉग पर अक्सर अंग्रेजी कहानियों के हिन्दी अनुवाद डालता रहता हूँ। आप मेरे द्वारा अनूदित इन रचनाओं को निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं:
हिन्दी अनुवाद

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© विकास नैनवाल 'अंजान'

6 टिप्‍पणियां:

  1. बेहतरीन और लाजवाब कहानी... आगे भी इस तरह की कहानियों की प्रतीक्षा रहेगी ।

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    1. मैम, कहानी आपको पसन्द आई यह जानकर अच्छा लगा। मेहनत सफल हुई। आगे भी ऐसे अनुवाद आते रहेंगे।

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  2. बहुत बढिया अनुवाद और एक जासूसी कहानी

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