शनिवार, 14 मार्च 2020

आर्सन प्लस: भाग 2 - डाशील हैमेट

स्रोत: पिक्साबे
नोट: 
र्सन प्लस सबसे पहले ब्लैक मास्क नामक पत्रिका में 1923 में छपी थी। यह कॉन्टिनेंटल डिटेक्टिव एजेंसी के जासूस को को दर्शाती पहली कहानी थी। इसी जासूस को लेकर डाशील हैमेट ने लगभग 28 कहानियाँ और दो उपन्यास लिखे थे।

मैंने इधर इस कहानी का हिन्दी में अनुवाद किया है। उम्मीद है आपको यह अनुवाद पसंद आएगा। अगर आपको यह अनुवाद पसंद आता है तो आप पोस्ट का लिंक अपने दोस्तों से साझा कर सकते हैं। मूल कहानी आप निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं:
आर्सन प्लस

कहानी चूँकि काफी लम्बी है तो इसे मैंने तीन भागों में प्रकाशित किया है।

इस कहानी की पिछली कड़ी आप निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकती हैं:
आर्सन प्लस -1

न्यूनिंग और वीड नाम की रियल एस्टेट कम्पनी के ऑफिस में हम पहुँचे। जिन एजेंट्स के माध्यम से थोर्नबर्ग ने घर लिया था उनके साथ हमने बात की और उन्होंने हमे बताया कि थोर्नबर्ग उनके दफ्तर में ग्यारह जून को आया था। उसने कहा था कि उसे मालूम पड़ा है कि वह घर बिकाऊ है, उसने घर देख लिया है और उसे वह पसंद भी आया है और वह उस घर की कीमत जानना चाहता है। अगली सुबह घर उसको बेचा जा चुका था। उसने साढ़े चौदह हज़ार डॉलर, जो कि घर की कीमत थी, का एक चेक काटकर कम्पनी को दे दिया था। यह चेक सीमैनस बैंक ऑफ़ सैन फ्रांसिस्को के खाते का था। घर में पहले से ही सामान था तो थोर्नबर्ग को कुछ और लेने की जरूरत नहीं पड़ी थी।


दिन का खाना खाने के बाद मैककल्म्प और मैं होवार्ड हेंडरसन के पास गये। यह वही व्यक्ति था जिसने वेटन से लौटते हुए आग को देखा था। उसका दफ्तर एम्पायर बिल्डिंग में था और दफ्तर के बाहर उसके नाम की तख्ती लगी हुई थी। उस तख्ती से यह तो पता लग रहा था कि होवार्ड क्रिस्पी कोर्न क्रम्ब नाम की कम्पनी का उत्तर कैलिफ़ोर्निया का एजेंट था। होवर्ड पैंतालीस साल का एक भीमकाय मस्त मौला सा दिखता व्यक्ति था जिसके चेहरे  पर उसके कार्य के अनुरूप एक मुस्कराहट हमेशा बनी रहती थी।

उसने बताया कि आग वाले दिन वह काम के सिलसिले में ही वेटन गया था। उसे उधर देर हो गयी थी तो उसने रात का खाना उधर ही कर लिया था। खाने के पश्चात उसने वेटन के एक हैमरस्मिथ नाम के बनिये के साथ एक बिलियर्ड का खेल भी खेला था।  हैमरस्मिथ उसका ग्राहक था। वेटन से सैक्रामेंटो के लिए वह रात साढ़े दस बजे करीब अपनी गाड़ी से निकला था। टेवेंडर में वह एक गेराज में रुका था जहाँ उसने थोड़ा ईंधन लिया था और अपनी गाड़ी के एक टायर पर हवा भी भरवाई थी।

वह गेराज से बाहर निकल ही रहा था कि उधर मौजूद व्यक्ति ने उसका ध्यान आकाश में दिखती एक लाल रोशनी की तरफ खींचा था। उस व्यक्ति ने बताया था कि शायद यह रोशनी आग लगने के कारण हो रही थी। राज्यमार्ग के साथ साथ एक काउंटी रोड भी जाती थी और शायद उसी काउंटी रोड में आग लगी थी। हेंडरसन ने आग को देखा तो एक कोतुहल के चलते उसने काउंटी रोड पर  बढ़ने का फैसला कर दिया था और आखिरकार उस जलते हुए घर तक पहुँच गया था। उसने उधर पहुँचकर थोर्नबर्ग को आग से बचने की असफल कोशिश करते हुए और अंत में उसी आग में भस्म होते हुए भी देखा था।

उसके उधर पहुँचने तक बहुत देर हो चुकी थी। आग ने पूरे घर को अपने गिरफ्त में ले लिया था और आग बुझाने की कोशिश बेकार थी। दूसरी मंजिल में मौजूद आदमी भी आग की लपटों से इस तरह घिर गया था कि दुर्भाग्यवश उसे बचाया नहीं जा सकता था। उसे यकीन था कि वह छत के ढहने से पहले ही परलोक सिधार गया रहा होगा। इसलिए जब छत ढह गयी तो हेंडरसन ने कून्स की पत्नी की मदद करी।  उसे होश में लाया गया। हेंडरसन तब तक उधर रुका हुआ था जब तक घर जल कर राख में तब्दील नहीं हो गया। उसने घर की तरफ आते हुए किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या कार को सड़क पर नहीं देखा था....

जब हम हेंडरसन से बातचीत कर इमारत से बाहर निकलकर सड़क पर पहुँच गये तो मैंने मैककलम्प से कहा - "तुम्हे हेंडरसन के विषय में क्या पता है?"

"गर्मियों की शुरुआत में वह शायद उत्तर के किसी राज्य से, अपनी कम्पनी का ऑफिस खोलने यहाँ आया था। वह फिलहाल गार्डन होटल में रहता है। अब आगे हमे कहाँ जाना है?"

"अब एक गाड़ी लेते हैं और फिर थोर्नबर्ग के घर का दौरा भी कर आते हैं। देखते हैं उधर हमे क्या हासिल होता है?"

                                                                         ****
 क आग लगाने वाले के लिए तो यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। सारी काउंटी में भी वो चिराग लेकर घूमता तो आग लगाने के लिए उसे इस जगह से बेहतर जगह नहीं मिलती। जहाँ तीन तरफ से पेड़ों से अच्छादित पहाड़ इसे बाकी दुनिया से काटते हैं वहीं चौथी तरफ नदी की दिशा में जाने वाला एक निर्जन मैदान है जहाँ दूर दूर तक किसी व्यक्ति का नामोनिशान नहीं है। इसके सामने के द्वार तक आने वाली काउंटी रोड  भी अक्सर सूनी रहती थीं क्योंकि गाड़ियों को इस सड़क के बजाय उत्तर की तरफ मौजूद राज्यमार्ग पर से गुजरना बेहतर लगता था।

जहाँ घर हुआ करता था उधर अब आग से काला पड़ चुका एक खंडहर था। वैसे तो हमे यकीन था कि हमे इधर कुछ नहीं मिलने वाला है फिर भी कुछ मिनटों  तक हम लोग उधर मौजूद राख को उलटते पलटते रहे। क्या करें  एक जासूस होने के नाते हम अपनी आदत से मजबूर जो थे। वैसे भी आदमी की यह प्रकृति बहुत पहले से रही है कि वह खंडहरों में कुछ न कुछ तलाशता रहा है।

 घर के पीछे एक गाड़ी रखने के लिए गेराज था। उसे देखकर लग नहीं रहा था कि वहाँ कुछ रखा रहा होगा। उसके सामने का भाग और छत जल कर काली जरूर हो चुकी थी लेकिन ज्यादातर हिस्से नुकसान से बच गये थे। इसके पीछे मौजूद एक छप्पर, जहाँ  एक कुल्हाड़ी, एक बेलचा, बागवानी के कुछ और उपकरण मौजूद थे, भी इस आग से पूरी तरह बच गया था। घर के सामने की तरफ का लॉन और छप्पर के पीछे मौजूद बगीचे -यानि लगभग एक एकड़ के क्षेत्र को गाड़ियों के टायर, दमकल कर्मियों और आग देखने के लिए आये हुए दर्शकों  के क़दमों ने पूरी तरह से रौंद दिया था।

 घर के आसपास टहल कर अपना वक्त बर्बाद करने के बाद हम लोगों ने घर के आस पास का चक्कर लगाने का फैसला किया। हम इस घर के एक मील के दायरे में आने वाले सभी घरों में जाकर घरवालों से बातचीत करने वाले थे। लेकिन अपने इस परिश्रम का भी हमे ज्यादा कुछ फायदा हुआ नहीं था। बस उबड़ खाबड़ सड़क पर लगते हुए धक्के ही हमने अपनी इस कोशिश से कमाए थे।

घर के सबसे नजदीक प्रिंगल नाम का शख्स रहता था। यह वही व्यक्ति था जिसने दमकल को आग लगने की सूचना दी थी। लेकिन प्रिंगल के अनुसार थोर्नबर्ग को जानना तो दूर उसने उसे कभी देखा भी नहीं था। वैसे पड़ोसियों में मिसेज जबीन, जो कि थोर्नबर्ग के घर से दक्षिण दिशा में एक मील दूर रहती थी, को छोड़कर किसी ने भी थोर्नबर्ग को कभी देखा नहीं था।

जब तक घर बिका नहीं था तो मिसेज जबीन ही घर का ख्याल रखती थी। घर बेचने से एक दो दिन पहले थोर्नबर्ग मिसेज जबीन के घर आया था और उसने उस खाली घर के विषय में उनसे जानकारी हासिल करी थी। उस वक्त मिसेज जबीन ही उसे लेकर घर तक गयीं थी और उन्होंने उसे घर दिखलाया था। घर थोर्नबर्ग को पसंद आया था और थोर्नबर्ग ने उन्हें बताया था कि अगर यह घर वाजिब कीमत में मिल गया तो वह इसे खरीद लेगा।

उस दिन वह अकेला ही आया था। उसके साथ उस गाड़ी का ड्राईवर था जिसे उसने सैक्रेमेंटों में किराए में लिया था। उसका शायद कोई परिवार नहीं था और उसने अपने विषय में मिसेज जबीन को ज्यादा कुछ बताया भी नहीं था।

जब उन्हें पता चला कि थोर्नबर्ग ने घर ले लिया है और वह इधर आ चुका है तो कुछ दिनों बाद मिसेज जबीन ने एक पड़ोसी होने के नाते उसके घर का रुख किया था। वहाँ पहुँचकर उसे मिसेज कून्स ने बताया था कि थोर्नबर्ग घर में नहीं है। ज्यादातर पड़ोसियों ने कून्स दम्पति से ही बातचीत करी थी और इससे उन्हें अंदाजा हो गया था कि थोर्नबर्ग को किसी से मिलना जुलना पसंद नहीं है। लोगों ने भी इस कारण उससे ज्यादा दोस्ती गांठने की कोशिश नहीं की थी। कून्स के विषय में ज्यादातर पड़ोसियों का कहना था कि वे शिष्ट थे और जब भी मिलो तो ढंग से बातचीत करते थे लेकिन उन्हें भी अपने मालिक की तरह पड़ोस के लोगों से मित्रता करने में कोई दिलचस्पी नहीं थी।

टेवेंडर की तरफ बढ़ते हुए मैककलम्प ने इस पूरी कसरत से मिली हुई जानकारी को कुछ इस तरह कहा था -" इनमें से कोई भी व्यक्ति थोर्नबर्ग को आग लगा सकता था लेकिन हमारे पास इस बात कोई सबूत नहीं है कि इनमें से कोई भी थोर्नबर्ग को जानता भी था। ऐसे में इनकी थोर्नबर्ग के साथ कुछ दुश्मनी होने का ख्याल भी बचकाना होगा।"

टेवेंडर थोर्नबर्ग से कुछ दो मील दूर एक चौराहे के आस पास बसी हुई छोटी सी रिहाइश थी। यहाँ एक जनरल स्टोर, एक डाकखाना, एक गेराज, एक गिरजाघर और छः घर मौजूद थे। एक फिलो नाम का शख्स ही जनरल स्टोर का मालिक और डाकखाने के पोस्ट मास्टर था। फिलो एक कमजोर शरीर वाला ठिगना सा शख्स था जो  कि अक्सर हकलाकर बातचीत करता था। मैककलम्प की फिलो से वाकिफियत थी।

"मैंने क..क...कभी थोर्नबर्ग को नहीं  दे..दे देखा " उसने कहा। "म...म..मुझे उसके कोई भी चि चि चिट्ठी भी नहीं मिली। क..क...कून्स "- उसके द्वारा कून्स का नाम कून्स के बजाय कोकून की तरह लग रहा था- "स...स प्ताह में एक बार वो यहाँ कि..कि...किराने का सामान लेने आता था। उनके पास प..प..फ...फोन नहीं था। वह चलकर इधर आता था और मैं अपनी ग..ग...गाड़ी में सामान लदवाकर भेज दिया करता था। क..कभी कभी मैं उसे स...सैकरेमेंटो की तरफ जाने वाली गाड़ी का इन्तजार करते हुए भी देखता था।"

"सामान थोर्नबर्ग के घर तक कौन पहुँचाता था?"

"म...मेरा ल...लड़का। क क क्या उससे बात करना चाहोगे?"

फिलो का लड़का भी अपने ही पिता पर गया था। उसकी लम्बाई ज्यादा नहीं थी और वह भी डेढ़ पसली ही था लेकिन वह हकलाता नहीं था। उसने कभी अपने दौरों के दौरान थोर्नबर्ग को नहीं देखा था। लेकिन चूँकि वह सामान रखने केवल किचन तक जाता था तो शायद इसलिए भी यह हो सकता था। उसने उधर कुछ भी अजीब होते नहीं देखा था।

"गेराज में रात को कौन काम करता है?" मैंने लड़के से पूछा।

"बिली लूस। अगर आप चाहो तो आप उससे अभी बात कर सकते हो। मैंने कुछ ही मिनट पहले उसे गेराज में जाते हुए देखा था।"

हमने सड़क पार की और लूस के पास पहुँचे।

"परसों रात को जब काउंटी की तरफ आग लगी थी तब उस वक्त जब तुमने आग देखी थी तो क्या तुम किसी व्यक्ति से बात कर रहे थे?"

लूस ने अपनी गर्दन ऊपर की तरफ घुमाई और शून्य की तरफ इस तरह से देखने लगा जैसे लोग कुछ याद करते समय देखते हैं।

"हाँ, मुझे अब याद आया।"- वह उत्साहित सा बोला- "वह असल में कस्बे की तरफ जा रहा था। मैंने ही उससे कहा था कि वह काउंटी की सड़क से होकर जायेगा तो उसे वह जगह दिख सकती है जहाँ आग लगी हुई थी।"

"वह व्यक्ति कैसा दिखता था? क्या तुम कुछ बता सकते हो?"

"वह व्यक्ति एक अधेड़ था। भीमकाय था लेकिन थोड़ा झुककर चलता था। जहाँ तक मुझे ध्यान है उसने भूरे रंग का एक ढीला ढाला सूट पहना था जो कि स्त्री नहीं किये हुए था।"

"न ज्यादा गोरा न ज्यादा काला?"

"हाँ।"

"बोलते हुए मुस्कराता रहता था?"

"हाँ। वह मस्तमौला इनसान लग रहा था।"

"भूरे बाल?"

"हाँ, लेकिन अब रुक भी जाओ। मैंने कौन सा उससे अपनी बेटी की शादी करानी थी जो उसे इतने ध्यान से देखता।"

टेवेंडर से हम लोग वेटन की तरफ गये। लूस ने जो विवरण हमे दिया था वो हेंडरसन पर सटीक बैठता था लेकिन हमने सोचा जब इतनी दूर आ ही गये हैं तो क्यों न वेटन जाकर यह बात भी निश्चित कर दें कि हेंडरसन उधर से ही आ रहा था।

वेटन में हम लोगों ने केवल पच्चीस मिनट ही बिताए। इन पच्चीस मिनटों में से दस मिनट हमे हैमरस्मिथ, वो बनिया जिसके साथ हेंडरसन कहता था कि उसने खाना खाया था और पूल का एक खेल खेला था, को ढूँढने में लग गये ; पाँच मिनट उस व्यक्ति को ढूँढने में लग गये जिसका यह बिलियर्ड का कमरा था और आखिर के दस मिनट हमे हेंडरसन की कहानी की पुष्टि करने में लग गये।

                                                                 ****

ब हम लोगों ने वापिस सैकरेमेंटो की तरफ गाड़ी घुमाई तो मैंने मैक से कहा- "अब तुम्हे क्या लगता है मैक?"

मैक इतना आलसी है कि अगर उसे कुछ कहा न जाए तो वह अपने मत को व्यक्त करना तो छोड़ो उन्हें बनाना भी पसंद नहीं करता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह समझदार नहीं है। उसके मत, बशर्ते अगर तुम उन तक पहुँच पाओ, तो सुनने लायक होते हैं।

"अभी तक सोचने के लिए ज्यादा कुछ हमे मिला नहीं है।" मैक ख़ुशी ख़ुशी बोला। " एक बात तो साफ है कि हेंडरसन इस मामले से जुड़ा नहीं है। वैसे उसे मैं संदिग्ध के रूप में उसका इस मामले से वैसे भी नहीं जोड़ पा रहा था। हमे अभी तक ऐसा कोई सबूत भी नहीं मिला है जो यह दर्शा सके कि आग लगने के वक्त कून्स दम्पति और थोर्नबर्ग के अलावा भी कोई और उधर मौजूद था। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि उधर कोई नहीं था। होने के लिए तो उधर एक रेजिमेंट भी हो सकती थी। कून्स दम्पति उतने ईमानदार नहीं दिखाई देते हैं लेकिन वो खूनी नहीं लग रहे हैं। वैसे हो सकता है कि मैं उनके मामले में गलत होऊँ। लेकिन इन सबके बीच एक तथ्य ये भी है कि हमारे पास संदिग्धों के रूम में कून्स दम्पति से बेहतर कैंडिडेट अभी तक तो नहीं हैं। मुझे लगता है हमे उन्हें ढंग से परखना चाहिए।"

"ठीक है," मैं उससे सहमत होते हुए बोला। "जैसे हम कस्बे में पहुँचेंगे उसी वक्त मैं अपने सिएटल वाली शाखा में एक तार भेज कर उन्हें मिसेज कमरफोर्ड से एक साक्षात्कार करने के लिए कह दूँगा। इससे हमे पता चल जायेगा कि वह कून्स के विषय में क्या जानती हैं। उसके बाद मैं ट्रेन पकड़ कर सैन फ्रंसिको जाऊँगा और सुबह एक बार थोर्नबर्ग की भतीजी से मिलूँगा।"

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अगली सुबह मैककलम्प के दिये पते पर मैं थोर्नबर्ग की भतीजी की बिल्डिंग पर पहुँचा। यह कैलिफ़ोर्निया स्ट्रीट पर मौजूद एक भव्य ईमारत थी जहाँ पहुँचकर तरीबन पौना घंटा (पैंतालीस मिनट) मुझे मिसेज इवेलिन ट्रोब्रिज के तैयार होने का इन्तजार करना पड़ा। अगर मैं जवान रहा होता या मैं उससे तहकीकात के सिलसिले में न मिल रहा होता तो उसको आखिरकार देखने के बाद यह इंतजार मुझे जरा भी नहीं चुभता। मिसेज ट्रोब्रिज एक तीस साल की लम्बी छरहरे शरीर वाली बेहद खूबसूरत महिला थी जो अभी एक काले रंग के परिधान में बिजलियाँ गिराती सी प्रतीत हो रही थी। काले घने बालों के बीच उसका गोरा चेहरा और चेहरे पर मौजूद लाल सुर्ख होंठ और भूरी आँखें किसी का भी नींद और चैन लूट लेने के लिए काफी थे।

लेकिन मैं एक अधेड़ उम्र का एक व्यस्त जासूस था जिसे अभी अपने पौने घंटे को जाया करना काफी खल रहा था। मुझे फिलहाल किसी नारी की खूबसूरती से ज्यादा जल्द जल्द से उस व्यक्ति को पकड़ने की चाहत थी  जिसने थोर्नबर्ग के घर में आग लगाई थी। लेकिन फिर भी मैंने अपना चिढ़चिढ़ापन छुपाया, उससे उसको इतनी सुबह परेशान करने के लिए माफ़ी माँगी और अपने काम में लग गया।

"मैं चाहता हूँ आप मुझे अपने चाचा के विषय में सब कुछ बतायें - उनका परिवार, दोस्त,दुश्मन, किन लोगों से उनका व्यापारिक सम्बन्ध था इत्यादि।"

मैंने एक कार्ड के ऊपर अपने आने का मकसद लिख कर उस तक पहुँचाया था तो मुझे पता था कि उसे मेरा इधर आने का मकसद पता था।

"वो मेरे मामा, यानी मेरी माँ के भाई थे,  और उनके परिवार में  मेरे सिवा और कोई नहीं था। जो थे वो स्वर्गवासी हो चुके हैं।"

"उनका जन्म किधर हुआ था?"

"यहीं सैन फ्रांसिस्को में वो पैदा हुए थे। मुझे तारीक तो याद नहीं लेकिन वो लगभग पचास वर्ष के थे।  वो मेरी माँ से तीन साल बढ़े थे।"

"वो काम क्या करते थे?"

"युवावस्था में ही वो नाविक बनकर समुद्र में चले गए थे। जहाँ तक मुझे पता है कुछ महीने पहले सेवानिवृत्त होने से पहले तक वो समुद्र यात्राओं में ही अक्सर रहा करते थे।"

"क्या वो किसी जहाज पर कप्तान थे?"

"मुझे इस विषय में ज्यादा कुछ पता नहीं है। कभी कभी मैं उनसे कई कई वर्षों तक न ही मिलती थी और न ही उनका कोई खत मुझे मिला करता था। वो क्या करते थे? इसके विषय में उन्होंने मुझे कभी कुछ नहीं बताया। हालाँकि उन्होंने मुझे कुछ जगहों जैसे रिओ डी जानेरिओ, मेडागास्कर, टोबागो, क्रिस्टानिया इत्यादि के विषय में बताया था कि वो अपने दौरों में इधर रहकर आये थे। फिर लगभग तीन महीने पहले वो मेरे पास इधर आये और उन्होंने मुझसे कहा कि वो खानाबदोशों सी ज़िंदगी से आजिज़ आ चुके हैं और अब वो किसी शांत जगह पर जाकर एक घर लेकर रहना चाहते हैं। अब वो एकांत में रहकर अपने एक आविष्कार के ऊपर काम करना चाहते थे।"

"जब तक वो सैन फ्रांसिस्को में थे तब तक वो फ्रांसिस्को होटल में रह रहे थे। लेकिन फिर कुछ ही हफ्तों बाद वो यकायक गायब हो गए।  फिर तकरीबन एक महीने बाद मेरे पास उनका एक तार आया कि मुझे साक्रेमेंटो के नजदीक बने उनके नए घर में जाकर उनसे मिलना था। मैं तुरंत ही अगले दिन उनसे जाकर मिली लेकिन मुझे उनका व्यवहार थोड़ा अजीब लगा था। वह किसी चीज को लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान नज़र आ रहे थे। उन्होंने उस वक्त मुझे कुछ कागजात दिए थे। इन कागजातों में एक वसीयत थी जो उन्होंने कुछ दिनों पहले ही बनवाई थी और कुछ बीमे की पालिसी के कागज थे जिनमें लाभार्थी के रूप में मेरा नाम दर्ज था।"

"ये कागज मुझे देते ही उन्होंने मुझ हुक्म दिया कि मुझे तुरंत ही वापस चले जाना चाहिए और यह ताकीद दी कि जब तक वो न कहे तब तक न मुझे उनसे मिलने आना चाहिए और न ही उन्हें कोई पत्र लिखना चाहिए। मुझे उस वक्त उनकी यह बात काफी अजीब लगी थी क्योंकि अब तक तो मुझे ऐसा ही लगता था कि मुझे वो बेहद प्यार करते थे। अपनी इस एक मुलाक़ात के बाद मैं उनसे फिर कभी नहीं मिली।"

"यह क्या आविष्कार था जिस पर वो काम कर रहे थे?"

"मुझे इस विषय में वाकई नहीं पता है। मैंने उनसे इस विषय में एक बार पूछा था लेकिन वो एकदम से मुझपर नाराज भी हो गए थे। उस दिन उनके व्यवहार से मुझे ऐसा लगा था जैसे उन्हें मेरे इरादे ठीक नहीं लगे हों या उन्हें मुझ पर इसे लेकर विश्वास न हो। मुझे उनका यह रवैया पसंद नहीं आया था तो फिर मैंने उनसे इस विषय के ऊपर फिर कभी बात नहीं की।"

"क्या आपको पूरा यकीन है कि जितने वर्ष वो आपसे दूर रहे वो उस वक्त समुद्री यात्राओं में ही गए हुए थे?"

"नहीं, मुझे इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। उन्होंने जैसा मुझे कहा मैंने मान लिया। यह भी मुमकिन है कि इस दौरान वो किसी और काम में व्यस्त रहे होंगे।"

"क्या उन्होंने कभी शादी की थी?"

"जहाँ तक मुझे पता है वो अविवाहित ही थे।"

"क्या उनके कोई दोस्त या दुश्मन थे?"

"नहीं, मुझे नहीं लगता ऐसा कोई था।"

"क्या उन्होंने कभी किसी का नाम अपनी बातचीत के दौरान लिया था?"

"नहीं।"

"अब मैडम अगला सवाल जो मैं आपसे पूछने जा रहा हूँ उसे सुनकर हो सकता है आपको लगे कि मैं आपकी तौहीन कर रहा हूँ लेकिन यकीन मानिए मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है। तहकीकात के लिए यह सवाल पूछना जरूरी है। जिस रात आग लगी थी उस रात आप किधर थीं?"

"मैं उस रात अपने घर में मौजूद थी। मेरे घर में उस दिन रात के खाने पर कुछ दोस्त आये हुए थे जिनके साथ मध्यरात्रि तक मैं मशरूफ थी। मिस्टर और मिसेज वॉकर केल्लॉग, मिसेज जॉन डुपरी और मिस्टर किल्मर उस दिन मेरे साथ मौजूद थे। अगर आप कहें तो मैं आपको उनके नाम और पते दे सकती हूँ। उम्मीद है ये आपके कुछ काम आयेंगे। आप उनसे जो सवाल हो पूछ सकते हैं।"

यहाँ मेरा काम अब खत्म हो चुका था तो मैंने मिसेज ट्रोब्रिज से इजाजत ली और उनकी इमारत से बाहर निकल गया।


                                                               क्रमशः
पिछली कड़ी: आर्सन प्लस भाग 1                                                               आखिरी कड़ी: आर्सन प्लस भाग 3


आर्सन प्लस के सभी भाग:
आर्सन प्लस भाग 1
आर्सन प्लस भाग 2
आर्सन प्लस भाग 3

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हिन्दी अनुवाद

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© विकास नैनवाल 'अंजान'

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