गुरुवार, 1 जनवरी 2015

समालोचन: परिप्रेक्ष्य : २०१४ के किताबों की दुनिया : ओम निश्चल

अगर आप हिंदी पुस्तक के प्रेमी हैं और हिंदी साहित्य को पढ़ना चाहते हैं। तो निम्न लेख २०१४ में प्रकशित  पुस्तकों के ऊपर एक रोशनी डालता है। इस लेख को पढ़कर मैं कई कृतियों से रूबरू हुआ जिनसे अभी तक मैं अनभिज्ञ था। आशा है आपको भी कुछ नयी कृतियों के विषय में पता चलेगा।

समालोचन: परिप्रेक्ष्य : २०१४ के किताबों की दुनिया : ओम निश्चल

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