रविवार, 17 मई 2020

कौसानी ट्रिप 7: ग्वालदम से कौसानी

यह यात्रा 5 दिसम्बर 2019 की शाम से 8 दिसम्बर 2019 तक की गयी 

कौसानी ट्रिप
सात दिसम्बर 2019
इस यात्रा वृत्तांत को शुरुआत से पढने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें:
कौसानी यात्रा 1

पिछली कड़ी में आपने पढ़ा कि हम लोग बैजनाथ मंदिर देखने के पश्चात ग्वालदम जाने वाली गाड़ी में बैठ गये  थे। डेढ़ बजे से थोड़ा पहले हम ग्वालदम के लिए निकले थे और ढाई बजे के लगभग ग्वालदम में पहुँच चुके थे।

अब आगे:


चाय नहीं पियूँगा!!
ग्वालदम के विषय में मैंने सबसे पहले राकेश भाई से तब सुना था जब कौसानी पहुँचकर इन्होने होटल एजेंट से इसके विषय में पूछा था।  उस वक्त तो मैंने राकेश भाई से कुछ पूछा नहीं था लेकिन बाद में जब पूछा तो राकेश भाई ने बताया कि ग्वालदम से हिमालय की चोटी बहुत नजदीक लगती है। यह सुनकर मेरा भी ग्वालदम जाने का मन करने लगा था। और आज हम ग्वालदम में थे।

यहाँ तक जो सड़क हमे लायी थी उसमें इतने मोड़ थे और गाड़ी इतनी बलखाई थी कि मेरे पेट की हालत थोड़ा ठीक नहीं थी। मुझे अजीब सा होने लगा था। वही राकेश भाई नींद लेने के बाद चुस्त दुरस्त लग रहे थे। हम टैक्सी से उतरे और हमने आस पास नजर फिराई। यह एक छोटा कस्बा नुमा जगह थी। किधर जाना था हमे पता नहीं था लेकिन सबसे पहले राकेश भाई को चाय पीनी थी। हम लोग मार्किट से निकलती हुई एक सड़क पर बढ़ गये।

सोमवार, 11 मई 2020

माइक्रोसॉफ्ट पेंट का इस्तेमाल कर कोलाज कैसे बनाएं?

क्सर जब भी आप ब्लॉग लिखते होंगे या कहीं फोटो पोस्ट करते होंगे तो कई बार आप चाहते होंगे कि आप चार पाँच तस्वीरों का एक कोलाज बनाकर उसे पोस्ट करें। मुझे भी अपने यात्रा वृत्तांतों में ऐसे कोलाज की जरूरत होती है। आम तौर मैं एक ऑनलाइन साईट का प्रयोग इस काम के लिए करता हूँ। इस साईट में आप अपने सिस्टम से तस्वीरें अपलोड करके उनका कोलाज बना सकते हैं।
फोटोकोलाज
यह कोलाज विभिन्न डिजाईन में आपको मिलता है। पर हर दिन मेरे काम आने वाली यह साईट आज मेरे काम न आ सकी। यह इसलिए हुआ क्योंकि इस साईट की एक कमी ये है कि ये डिजाईन में तस्वीरें जोड़ तो देती है लेकिन उन तस्वीरों  को डिजाईन के हिसाब से थोड़ा बहुत काट भी (क्रॉप भी कर) देती है। घुमक्कड़ी की फोटोज से तो इस पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है (प्राकृतिक दृश्य होते हैं, थोड़ा कट भी जाएँ तो चलता है) लेकिन आज जो चित्र मुझे इस्तेमाल करने थे उनमे मेरी इच्छा काँटछाँट करने की नहीं थी।

हफ्ते की लोकप्रिय पोस्ट(Last week's Popular Post)